दिल की धड़कन या सांस रुकने पर जान बचाने की सही विधि

Jain Hospital, Ladnun | जिला – डीडवाना–कुचामन, Rajasthan

⚠️ महत्वपूर्ण सूचना:
यह जानकारी शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है।
CPR की सही ट्रेनिंग लेना आवश्यक है।
आपात स्थिति में तुरंत अस्पताल/आपात सेवाओं से संपर्क करें।



CPR (Cardiopulmonary Resuscitation)

दिल की धड़कन या सांस रुकने पर जान बचाने की प्राथमिक प्रक्रिया

अचानक किसी व्यक्ति की सांस या दिल की धड़कन रुक जाना एक जानलेवा स्थिति हो सकती है। ऐसे समय में डॉक्टर के आने से पहले दिया गया सही CPR (Cardiopulmonary Resuscitation) किसी की जान बचा सकता है।

यह लेख आपको सरल भाषा में बताएगा कि CPR क्या है, कब देना चाहिए, और बड़ों, बच्चों व शिशुओं में CPR कैसे अलग होता है।

CPR क्या है?

CPR एक आपातकालीन प्रक्रिया है जिसमें छाती को दबाकर (Chest Compressions) और सांस देकर दिल और दिमाग तक ऑक्सीजन युक्त रक्त पहुँचाने की कोशिश की जाती है, जब तक मेडिकल सहायता न मिल जाए।

CPR कब देना चाहिए?

  • 🚨 व्यक्ति बेहोश हो और प्रतिक्रिया न दे
  • 🚨 सांस नहीं चल रही हो या असामान्य सांस हो
  • 🚨 दिल की धड़कन महसूस न हो
  • 🚨 डूबने, करंट लगने या हार्ट अटैक के बाद

CPR शुरू करने से पहले क्या करें?

  • ✔️ आसपास की जगह सुरक्षित है या नहीं देखें
  • ✔️ व्यक्ति को जोर से आवाज़ देकर प्रतिक्रिया जाँचें
  • ✔️ तुरंत मदद के लिए किसी को बुलाएँ
  • ✔️ एम्बुलेंस / अस्पताल को कॉल करें

🧑 Adults में CPR कैसे दें?

  1. व्यक्ति को सीधा, कठोर सतह पर लिटाएँ
  2. छाती के बीच में दोनों हाथ रखें
  3. तेज़ और गहराई से दबाएँ (लगभग 100–120 दबाव/मिनट)
  4. 30 दबाव के बाद 2 सांस दें (यदि प्रशिक्षित हों)
  5. मेडिकल मदद आने तक जारी रखें

👶 बच्चों में CPR

  • ✔️ एक हाथ से छाती दबाएँ
  • ✔️ दबाव हल्का लेकिन प्रभावी हो
  • ✔️ 30 दबाव : 2 सांस का अनुपात
  • ✔️ बच्चे को झटका न दें

🍼 शिशु (Baby) में CPR

  • ✔️ दो उंगलियों से छाती दबाएँ
  • ✔️ बहुत हल्का और नियंत्रित दबाव दें
  • ✔️ सिर को पीछे ज़्यादा न झुकाएँ
  • ✔️ तुरंत अस्पताल ले जाएँ

CPR में क्या नहीं करना चाहिए?

  • ❌ बिना ज़रूरत CPR न दें
  • ❌ बहुत ज़ोर से दबाव न डालें
  • ❌ मुंह में कुछ न डालें
  • ❌ घबराकर प्रक्रिया न रोकें

CPR में समय क्यों महत्वपूर्ण है?

दिल रुकने के 4–6 मिनट बाद दिमाग को स्थायी नुकसान हो सकता है। समय पर CPR देने से जीवन बचने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है।

अस्पताल की भूमिका

CPR केवल प्रारंभिक सहायता है। इसके बाद तुरंत अस्पताल पहुँचाना आवश्यक है। Jain Hospital, Ladnun में Emergency care एवं प्रशिक्षित मेडिकल स्टाफ उपलब्ध है।

निष्कर्ष

CPR की जानकारी हर व्यक्ति के लिए जीवन रक्षक साबित हो सकती है। सही जानकारी रखें, समय पर मदद करें, और तुरंत अस्पताल पहुँचाएँ।

CPR से जुड़े सामान्य प्रश्न (FAQ)

CPR क्या हर कोई दे सकता है?

हाँ, लेकिन सही ट्रेनिंग होना बेहतर है।

CPR कब नहीं देना चाहिए?

जब व्यक्ति होश में और सांस ले रहा हो।

CPR कितनी देर तक दें?

जब तक मदद न आ जाए या व्यक्ति प्रतिक्रिया न दे।

क्या CPR से पसली टूट सकती है?

कभी-कभी संभव है, लेकिन जान बचाना प्राथमिक है।

क्या बिना सांस दिए CPR किया जा सकता है?

हाँ, Hands-only CPR भी प्रभावी है।

बच्चों में CPR अलग क्यों?

बच्चों का शरीर नाज़ुक होता है।

डूबने के बाद CPR ज़रूरी है?

हाँ, तुरंत।

क्या CPR दवा का विकल्प है?

नहीं, यह आपात सहायता है।

CPR सीखने का सही तरीका?

प्रशिक्षित कोर्स और डेमो से।

CPR के बाद क्या करें?

तुरंत अस्पताल ले जाएँ।

Emergency Contact

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जिला – डीडवाना–कुचामन, Rajasthan
📞 6377990181